राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने कहा है कि कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधिपालिका का महत्त्वपूर्ण लक्ष्य, समाज का सुधार, भले कामों को प्रचलित करना और समाज से नैतिक बुराइयों को दूर करना है।
डाक्टर हसन रूहानी ने बुधवार को संसद में विज्ञान और टेक्नालाजी के मंत्री को विश्वासमत दिये जाने के लिए आयोजित बैठक में कहा कि सरकार, संसद के फ़ैसलों का सम्मान करती है और हमारे कामों के बारे में वास्तविक फ़ैसला जनता करती है। राष्ट्रपति रूहानी ने संसद में अपने संबोधन में इस बात का उल्लेख करते हुए कहा कि खेद की बात यह है कि मध्यपूर्व में अशांति और अस्थिरता फैली हुई है और ईरान के पूर्वी और पश्चिमी पड़ोसियों को अशांति और समस्याओं का सामना है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता, मित्रों और मुसलमानों को ईरान से आशाएं हैं और इस संबंध में ईरान अपनी भूमिका अदा कर रहा है।
राष्ट्रपति ने विज्ञान और तकनीक के मंत्रालय के बारे में कहा कि विश्वविद्यालयों को चाहिए कि राजनीति से एकदम कटे हुए न हों और न ही राजनीति का केन्द्र बने रहें। डाक्टर रूहानी ने कहा कि विश्वविद्यालयों को उत्पादन से जुड़ना चाहिए और वैज्ञानिक प्रगतियों को पुस्तकों और आलेखों तक सीमित नहीं होना चाहिए ताकि उत्पादन और बाज़ार का काम जारी रहे और यह उद्योग, कृषि और सेवाओं से जुड़े रहें।
ज्ञात रहे कि ईरान की संसद में एक खुली बैठक के दौरान महमूद नीली अहमदाबादी को विज्ञान और तकनीक का मंत्रालय सौंपे जाने के लिए विश्वासमत दिये जाने के लिए मतदान हुआ और वे संसद का विश्वासमत प्राप्त करने में सफल न हो सके।
29 अक्टूबर 2014 - 13:11
समाचार कोड: 647727
राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने कहा है कि कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधिपालिका का महत्त्वपूर्ण लक्ष्य, समाज का सुधार, भले कामों को प्रचलित करना और समाज से नैतिक बुराइयों को दूर करना है।